03 September 2012

सबको पटक पटक के मारो - अरुण कुमार


इनका शुभ नाम है - अरुण कुमार निगम । और इनकी Industry है - Banking और इनकी Location है - DURG, CHHATTISGARH, India अरुण जी ने अपने परिचय में खास प्रोफ़ायल में इससे अधिक कुछ नहीं बताया है । परन्तु इनकी कविताओं गीत गजल से इनके व्यक्तित्व और चरित्र का बखूबी परिचय होता है । जो देश प्रेम और सामाजिक चेतना के उन्नयन की भरपूर भावना से सराबोर है । देखिये - नदिया नरवा डबरी डोंगरी । कर पार उहाँ अगुवावत हैं । बम बारुद बंदूक संग खेलैं । बइरी दुश्मन ला खेदारत हैं । बीर जंग मा खेलैं होरी असली । देखौ लाल लहू मा नहावत हैं । गोली छाती मा झेलत हैं हँस के । दूध के करजा ला चुकावत हैं । और जैसे ये - तुरते  मार  भगाव । खूब  गरजो ललकारो । आयँ सपड़ - मां उन्हला । पटक पटक के मारो । छत्तीसगढ की आंचलिक भाषा और भावों से सजे इन मधुरता युक्त गीतों का रसास्वादन करने हेतु आपको अरुण जी के ब्लाग पर जाना होगा । और इनके ब्लाग हैं - टैस्ट चर्चा मंच श्रीमती सपना निगम ( हिंदी ) SIYANI GOTH . mitanigoth . अरुण कुमार निगम ( हिंदी कवितायें ) arun kumar nigam tippani इच्छित ब्लाग पर जाने हेतु उसी ब्लाग नाम पर क्लिक करें ।
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