09 April 2012

सेंटीमेंटल होना ठीक नहीं पर हूँ - shelley

रोज करती हूँ इंतजार । आयेगी । मेरी चिडिया रानी । कभी तो आयेगी । स्नेह सिंचित दाने । आकर खायेगी जी हाँ ! ये चाहत है । इन पत्रकारा की । इनका शुभ नाम है - shelley और इनकी Industry है - Communications or Media और इनका Occupation है - Journalist और इनकी Location है - patna, now in ranchi, jharkhand, India शैली जी अपने Introduction में कहती हैं - बहुत सेंटीमेंटल विचारधारा । जानती हूँ । सेंटीमेंटल होना आज के हिसाब से ठीक नहीं । पर हूँ । ऐसा क्यों न कुछ कर जायें हम । चले जाने पर भी याद आयें हम और इनका Interests है - Reading Books, Listening Music, to do something creative  Thinking और इनकी Favourite Films हैं -  D d l j विवाह । तारे जमीन पर । प्यासा । दो बदन । और इनका Favourite Music है - Light Music, sad songs और इनकी Favourite Books हैं - आदमी की निगाह में औरत ( राजेंद्र यादव ) अन्य से अनन्य ( प्रभा खेतान ) देवदास । गुनाहों का देवता । 1084 की माँ । मोहनदास आदि । a lot of.. और इनके ब्लाग हैं - आहुति । बार बार देखो । इनके ब्लाग पर जाने हेतु क्लिक करें ।

5 comments:

रविकर फैजाबादी said...

शुभकामना ।

कुमार said...

शुभकामनाएं...

रविकर फैजाबादी said...

उत्कृष्ट कृति |
बुधवारीय चर्चा-
मस्त प्रस्तुति ||

charchamanch.blogspot.com

Sawai Singh Rajpurohit said...

बहुत बढ़िया... बेहतरीन प्रस्तुति
सादर.

Shashiprakash Saini said...

http://shashikekavita.blogspot.in/

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