29 February 2012

कुछ खास नहीं है मेरे पास - प्रवीण शाह

मैं तो काले को काला ही कहूँगा । और सफेद को सफेद भी । आपकी मर्जी । आप मुझे जो कुछ भी कहो जी हाँ । इनका शुभ नाम है - प्रवीण शाह । प्रवीण जी अपने परिचय में कहते हैं -  मेरे कुछ मित्र मुझे ईश्वर द्रोही । धर्म विरोधी । इस्लाम विरोधी । हिन्दू विरोधी । ईसाई विरोधी आदि आदि न जाने क्या क्या कहते हैं । जबकि असलियत में मैं केवल कुतर्क । अतार्किकता व अवैज्ञानिकता का विरोधी हूँ । जब तक आप कोई तार्किक या समझ आने वाली बात कह रहे हैं । मैं भी आपके साथ हूँ । पर यदि आप कोई अतार्किक बात कह रहे हैं । या ऐसा कुछ कह रहे हैं । जिसका हकीकत में कोई अर्थ ही नहीं निकलता । जब आप कुतर्क कर रहे हों । अवैज्ञानिक या अतार्किक बातें कह रहे हों । तो आपकी बातों से कोई भी अर्थ नहीं निकलेगा । यह निश्चित है । तो जहाँ तक मुझसे बन पढ़ेगा । मैं आपका विरोध करूँगा । और मेरे इस कृत्य के लिये आप मुझे कुछ भी कह सकते हैं  । एक मध्यवर्गीय परिवार से हूँ । और एक मध्यवर्गीय जीवन जी रहा हूँ । काम लायक शिक्षा भी ली ही है । बाकी कुछ खास नहीं है मेरे पास । अपने बारे में लिखने को इनके ब्लाग हैं -सुनिये मेरी भी कुछ परेशां सा करते सवाल । है कोई जवाब ? जाने हेतु क्लिक करें

8 comments:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

वाह!
बहुत उम्दा प्रस्तुति!

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

वाह!
बहुत उम्दा प्रस्तुति!

कविता रावत said...

प्रवीण जी के बारे में जानकारी प्रस्तुति हेतु धन्यवाद..

कविता रावत said...

प्रवीण जी के बारे में जानकारी प्रस्तुति हेतु धन्यवाद..

दिगम्बर नासवा said...

अच्छा लगा प्रवीण जी को जानना .... उनका व्यक्तित्व जानना ...

प्रवीण शाह said...
This comment has been removed by the author.
प्रवीण शाह said...

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बहुत बहुत धन्यवाद मित्र !


...

Anonymous said...

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