02 February 2012

मुम्बई दो छोरों का शहर है - चन्द्र मौलेश्वर

इनका शुभ नाम है - चन्द्र मौलेश्वर प्रसाद । और इनकी Industry है Non - Profit और ये Occupation से हो चुके हैं - सेवा निवृत्त । और इनकी  Location है - हैदराबाद । आंध्र प्रदेश India चन्द्र मौलेश्वर जी अपने Introduction में कहते हैं - मेरा जन्म विश्व स्वास्थ दिवस के दिन और भारत छोडो़ आंदोलन के वर्ष हुआ - अर्थात 07 अप्रेल 1942 । देखिये इनका एक लेख - रेल व्यवस्था मुम्बई शहर की जीवन रेखा कही जाती है ।  हर अपरिचित व्यक्ति इस व्यवस्था को देखकर आश्चर्यचकित रह जाता है ।  इतनी तेज़ी से आती जाती रेलगाडियों के बावजूद स्टेशनों पर भीड़ जस की  तस नज़र आती है ।  ऐसे में किसी ट्रेन में विंडो सीट मिलना एक प्रतियोगिता जीतने जैसा होता है । एक दिन मैंने भी यह प्रतियोगिता जीती । और बैठ गया । ट्रेन की विंडो सीट से बाहर का नज़ारा झांकने । रेलवे ट्रैक के समीप बने स्लम की लगातार कतार देख कर लगा कि मुम्बई दो छोरों का शहर है । जहाँ ऊँची अट्टालिकाओं के साथ ये झोपड़पट्टियां भी है । सम्पन्न लोग उन अट्टालिकाओं में रहते हैं । तो गरीब इन झोपड़ियों में रहकर उनकी सेवा करते हैं । शायद यह आज के हर बड़े शहर की विडम्बना है । और इनका ब्लाग है - कलम । ब्लाग पर जाने हेतु क्लिक करें
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