30 January 2012

अलबेली हूँ मैं मिश्री की डली - मोनिका जैन

इनका शुभ नाम है Monika Jain मिष्ठी । और इनकी Industry है Education और इनकी Location है India मोनिका जी अपने  Introduction में कहती हैं - दुनिया की भीड़ में अकेली हूँ मैं । कोई ना सुलझा पाए । वो पहेली हूँ मैं । आकाश कवि की कविता । दिशा विहीन एक सरिता । अदृश्य ख्वाबों की सहेली हूँ मैं । कोई ना सुलझा पाए । वो पहेली हूँ मैं । पंख बिना ही उड़ने वाली दिशा बिना ही बहने वाली । बिना राह की चलने वाली । अलबेली हूँ मैं । कोई ना सुलझा पाए । वो पहेली हूँ मैं । शब्द विहीन एक परिभाषा । सोयी आँखों की जागृत भाषा । खामोश जुब़ा की भाषा अनकही हूँ मैं । कोई ना सुलझा पाए । वो पहेली हूँ मैं । और मोनिका जी का Interests है इनमें - Drawing Writing Cooking Card Making Public Speaking और इनकी Favourite Films हैं - Black Titanic Rock On Jab We Met Damini Lagaan और इनका Favourite Music है - Slow Soft Romantic Touchy Songs और इनका ब्लाग है - मिश्री की डली जिन्दगी हो चली । इनके ब्लाग पर जाने हेतु क्लिक करें ।
Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...