01 October 2011

दुनियाँ रंग रंगीली ही है - मीनाक्षी पन्त

दिल्ली । भारत की रहने वालीं मीनाक्षी पन्त जी का ख्याल अपने विचारों की खुशबू द्वारा सबको प्रेरित करना ही है । उनका लिखने का उद्देश्य अपने लिये कुछ नहीं है । उनका मानना है । लेखन में कोई न कोई सामाजिक संदेश निहित होना ही चाहिये । तभी लेखन उद्देश्य पूर्ण और सार्थकता युक्त होता है । वास्तव में उनके ब्लाग नाम के अनुसार - दुनियाँ रंग रंगीली ही है । तब सभी के जीवन में खुशियों के रंग बिखेरने का ही प्रयास होना चाहिये । बिलकुल मीनाक्षी जी आपका सोचना एकदम सही है । और मेरे ख्याल से हरेक को ही ऐसा सोचना चाहिये । मीनाक्षी जी अपने बारे में कहती हैं - मेरा अपना परिचय आप सबसे है । जो जितना समझ पायेगा । वो उसी नाम से पुकारेगा । हाँ मेरा उद्देश्य अपने लिए कुछ नहीं । बस मेरे द्वारा लिखी बात से कोई न कोई सन्देश देते रहना है कि ज्यादा नहीं । तो कम से कम किसी एक को तो सोचने पर मजबूर कर सके कि हाँ अगर हम चाहें । तो कुछ भी कर पाना असंभव नहीं । और मेरा लिखना सफल हो जायेगा कि मेरे प्रयत्न और उसके हौसले ने इसे सच कर दिखाया । इनका ब्लाग - दुनियाँ रंग रंगीली

4 comments:

Dr Varsha Singh said...

मीनाक्षी जी की कविताएं मन को छूने में कामयाब रहती हैं |
उन्हें मेरी बधाई और शुभकामनाएं |

Anonymous said...

Beautifully written blog post. Delighted Im able to discover a webpage with some insight plus a very good way of writing. You keep publishing and im going to continue to keep reading.

Anonymous said...

Kehren wir zum Sauerstoff zuruck,

Anonymous said...

dass es bis zur Halfte bedeckt wird,

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...