28 September 2011

नारी होने पर मुझे गर्व है -माहेश्वरी कनेरी

देहरादून । उत्तराखण्ड । भारत की रहने वालीं एवं शिक्षा Occupation से जुङी श्रीमती माहेश्वरी कनेरी जी खुद के नारी होने पर गर्व करती हैं । और नारी भावों के अहसास को अपने सशक्त विचारों द्वारा नये आयाम देती हैं । लेकिन इसके लिये उनके ख्याल अहम रूपी झूठी नारी मुक्ति आंदोलन का झण्डा लिये घूमने वाली नारियों जैसा नहीं लगता । बल्कि वे इसके लिये सभी का सामाजिक भावनात्मक सहयोग चाहती है । उनका मानना है - मन में उठने वाले हर भाव हर अहसास को शब्दों में बाँध । उन्हें सार्थक अर्थों में पिरोकर एक नया आयाम देना चाहती हूँ । भावनाओं के इस सफर में मुझे कदम कदम पर सहयोगी मित्रों की आवश्यकता होगी । आपके हर सुझाव मेरा मार्ग दर्शन करेंगे । वे अपने बारे में कहती हैं - मैं नारी हूं । नारी ह्रदय की वेदना और पीडा़ मुझ में भी है । लेकिन नारी होने पर मुझे गर्व है । मैं नारी मन की वेदना को अपने कलम में ढाल कर उस एहसास को एक नई सोच व नई दिशा देना चाहती हूँ । यही मेरा सपना है । शुरुआत नई है । शौक पुराना है । मंजिल दूर है । रास्ता अंजाना है । इनका ब्लाग - अभिव्यंजना

7 comments:

prerna argal said...

बहुत ही सार्थक पोस्ट /सच है नारी होना गर्व की बात है /बधाई आपको /मेरे ब्लॉग पर आप-का स्वागत है /जरुर पधारें /




www.prernaargal.blogspot.com

ajit gupta said...

माहेश्‍वरी कनेरी जी को हमारी बधाई।

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

महेश्वरी कनेरी जी से परिचित कराने के लिए आपका आभार!

Dr Varsha Singh said...

माहेश्‍वरी कनेरी जी को बधाई तथा शुभकामनाएं !

Anonymous said...

Im rather new to blogging and truly respect your written information. The publish has actually peaked my curiosity.

Anonymous said...

For cada muerte prematura o clinicamente

Anonymous said...

Unverfalschtes Brot wird dadurch nur

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