23 September 2011

शिक्षक अपनी जिम्मेदारी समझें - दर्शन लाल बबेजा

यमुनानगर । हरियाणा । भारत में  रह रहे श्री दर्शन लाल बबेजा बिज्ञान अध्यापक हैं । और एक अच्छे अध्यापक की तरह अपनी सामाजिक भूमिका के प्रति जागरूक हैं । इनके कई ब्लाग्स और विचार को देखकर तो यही लगता है । बहुत कम लोग ऐसे होते हैं । जो जिस समाज में रहते हैं । परस्पर व्यवहार करते हैं । उसके प्रति अपने दायित्व को न सिर्फ़ समझते हैं । वरन यथासंभव उसे निभाने का प्रयत्न भी करते हैं । वास्तव में ऊल जुलूल टायप के ब्लाग्स की भीङ में बबेजा जी का ब्लाग इस दृष्टिकोण से खास स्थान रखता है । एक जिम्मेदार चिन्तन हेतु । उन्हीं के शब्दों में - सभी शिक्षक अपनी जिम्मेदारी को समझें । विज्ञान एवँ पर्यावरण के प्रति विद्याथियों को शिक्षित करें । जिससे उनमें पर्यावरण की रक्षा करने की जागरुकता आये । यह कार्य अत्यावश्यक इसलिये है कि विद्यार्थी के कोमल मन मस्तिष्क पर बचपन में प्राप्त ज्ञान की अमिट छाप रहती है । और वह इसे जीवन भर नहीं भूलता । इसलिए अंधविश्वाश निवारण एवं पर्यावरण संरक्षण में शिक्षक की महत्वपूर्ण भूमिका है । इससे इंकार नही किया जा सकता । इनका ब्लाग - क्यों और कैसे बिज्ञान में

5 comments:

Kailash C Sharma said...

बबेजा के बारे में जानकर बहुत अच्छा लगा...आभार

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार के चर्चा मंच पर भी की गई है!
यदि किसी रचनाधर्मी की पोस्ट या उसके लिंक की चर्चा कहीं पर की जा रही होती है, तो उस पत्रिका के व्यवस्थापक का यह कर्तव्य होता है कि वो उसको इस बारे में सूचित कर दे। आपको यह सूचना केवल इसी उद्देश्य से दी जा रही है! अधिक से अधिक लोग आपके ब्लॉग पर पहुँचेंगे तो चर्चा मंच का भी प्रयास सफल होगा।

Anonymous said...

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Anonymous said...

pues el inverso del ideal propuesto en la,

Anonymous said...

Charles White proposa la resection des bouts de

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