22 May 2011

प्यासी हूँ । कंहाँ जाऊ ? राजेश कुमारी

आध्यात्मिकता । दर्शन और जीवन को गहरायी से स्पर्श करते हुये राजेश कुमारी जी बङी सरलता से । सादगी से ऊँची ऊँची बातों को कहती हैं । यहाँ देखिये - i m very ambitious person.very friendly with the people.loving,careing,about my family.I believe live happy n let live others happily.My past influences me,my present shapes me,and my future leades me.where I go now it is up to me... और भी देखिये -  मृगतृष्णा में लिप्त । अनवरत गति से भागते हुए । जब थककर चूर होकर । मायूसी के मरुस्थल में लेट जाती हूँ । ऊपर खुले आसमां को निहारते हुए । पूछती हूँ - प्यासी हूँ । कंहाँ जाऊ  ? उसने हथेली पे मेरी एक जल की बूँद गिरा दी ! यह भी देखिये - you are welcome in this blog.you will read hindi kavitaayen written by me,or my creation . my thoughts about the bitterness of day to day social crimes,bad treditions and untolerable social activities ब्लाग -हिन्दी कवितायें..आपके विचार

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