03 March 2011

प्रिय,जब मैं तुमसे दूर रहूँ..। मृदुला प्रधान P24

भावपूर्ण कवियत्री मृदुला जी के हिन्दी में 5 गीत संकलन 1 फ़ुरसत के क्षणों में 2 गुलमोहर से रजनीगंधा तक 3 ये रहा गुलाब 4 पीली सरसों 5 चलो कुछ बात करें..प्रकाशित हो चुके हैं । इनके ब्लाग का नाम " समथिंग फ़ार माइंड..समथिंग फ़ार सोल " है । ये तो हुयी मृदुला जी की कृतियों और ब्लाग की बात । अब आईये । उनकी एक रसभीनी कविता देखें ।..प्रिय,जब मैं तुमसे दूर रहूँ । तुम । मन-ही-मन में । मन से । मन की । कह लेना..।मैं सुन लूँगा..। प्रिय,भोर समय । छज्जों पर । कोयल का रस-स्वर । गूंजे ।अपने भावों  को । भरकर । अपने सुर में । तुम गाना ।मैं गुन लूँगा..।प्रिय,शाम ढले । आंगन में । रजनीगंधा की कलियाँ । निज हाथों से । बिखरा देना ।मैं चुन लूँगा ..।प्रिय, तम में । पलकों पर तुम । सुंदर सपनों को ।  लाना । लेकर अपनी आँखों में । मैं बुन लूँगा..। प्रिय, जब मैं तुमसे दूर रहूँ..।तुम मन-ही-मन में । मन से । मन की । कह लेना ।मैं सुन लूँगा..। BLOG..मृदुला ज ब्लाग । Location । New Delhi । India । mob no - 98109 08099

5 comments:

mridula pradhan said...

ekaa-ek yahaan par apne-aap ko dekhkar sukhad aashchary hua......dhanybad rajeev kumarjee.

V!Vs said...

http://anaugustborn.blogspot.com/

Kailash C Sharma said...

शुभकामनायें !

रजनी मल्होत्रा नैय्यर said...

shubhkamnayen mrilula ji ko .....

Anonymous said...

Enjoy your blog )
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