22 March 2011

तुमसे प्यार करना चाहती हूँ मैं । सुषमा " आहुति "

आप लोगों को मालूम ही है कि मैं लेख कविता आदि ब्लागरी.. हर बात में एकदम बेकार आदमी हूँ । इसलिये जब सुषमा जी ने कहा.."इस तरह तुमसे प्यार करना चाहती हूँ मैं"..तब मैं चौंक गया । हम ब्लाग बन्धुओं को गाली देने वाले मिलते हैं न कि प्यार बाँटने वाले । खैर..मैं इनके ब्लाग पर 1 किलो प्यार ( मैं प्यार कह  रहा हूँ । इन खाऊ ब्लागरों को प्यार भी प्याज लगता है ) लेने गया । तो इनके प्रोफ़ायल में मैं कमअक्ल इंसान सिर्फ़ 1 वाक्य समझ पाया ।.." जग मुझे खोजता रह जायेगा ।" और बस मैंने आप लोगों को सुषमा जी के बारे इसीलिये जल्दी से बताया कि इससे पहले ये गायब हो जाँय । हमारे प्यार बाँटने वाले इस नये साथी को आप लोग पकङ लें । तो सुषमा जी यौर मोस्ट वेलकम इन द ब्लाग वर्ल्ड.. सुस्वागतम..इस्तकवाल ( आगे सुश्री सुषमा जी ) मैं भी दरिया हूँ । सागर मेरी मंजिल है । मैं भी सागर में मिल जाऊँगी । मेरा क्या रह जायेगा ? कल बिखर जाऊँगी । हर पल में शबनम की तरह । किरनें चुन लेगी मुझे । जग मुझे खोजता रह जायेगा । ब्लाग..आहुति

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