13 March 2011

थोङा बहुत लिख लेता हूँ । नरेन्द्र व्यास



कुछ साहित्यिक टच लिये..और कुछ विशुद्ध साहित्यिक..अनमोल गहरी गम्भीर रचनाओं का बहुमूल्य संकलन जिस कलश में श्री नरेन्द्र व्यास जी ने किया है । और करते चले जा रहे हैं । उसका नाम आखर कलश है । अलग अलग कवियों लेखकों की रचनाओं से सजा आखर कलश अनुपम छटा बिखेरता है । आईये देखें । नरेन्द्र जी क्या कहते हैं । अपने बारे में..वैसे तो मैं अपने आपको कोई लेखक नहीं मानता । हाँ थोडा बहुत लिख लेता हूँ । हाँ कुछ रचनाएँ कृत्या । अनुभूति । सृजनगाथा । नवभारत टाइम्स कुछ मेगजींस और कुछ समाचार पत्रों में प्रकाशित हुई हैं । हिन्दी साहित्य । कविता । कहानी आदि हिन्दी की समस्त विधाएँ पढने शौक है । इसीलिये मैंने आखर कलश शुरू किया । जिससे मुझे और अधिक लेखकों को पढने सीखने और उनसे संवाद कायम करने का सुअवसर मिले । दरअसल हिन्दी साहित्य की सेवा में मेरा ये एक छोटा सा प्रयास है । उम्मीद है । आप सभी हिन्दी साहित्य प्रेमी मेरे इस प्रयास में मेरा मार्गदर्शन करेंगे । BLOG .. आखर कलश 
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