09 March 2011

अपनी सार्थकता की तलाश है । गिरिजा कुलश्रेष्ठ


सन 1998 में प्रकाशित व पुरस्कृत कविता " उनका आना " की ( ग्वालियर निवासी ) कवियित्री व लेखिका सुश्री गिरिजा कुलश्रेष्ठ जी जिये हुये यथार्थ की तरह जीवन के विभिन्न रंगों को अपनी तूलिका से सहज भाव से उकेरती जाती है ।..पर ...तुमने तो कहा था कि । तुम मुझसे प्रेम करते हो ।(और)..बेमन ही लिखते रहे तुम ।..मानों स्त्री के ह्रदय भावों को खोलकर रख देते हैं ।(आगे)..मिल जाना है । रख कर भूला हुआ कोई नोट । किताबें पलटते हुए । अचानक ही ।..ये नायिका की नायक के आने के बाद की खुशी बयान करती है । इस तरह गिरिजा जी को पढना मानों जीवन को पढना है । और इस तरह "सार्थकता की तलाश"  वाले शब्द उनकी सटीक अभिव्यक्ति ही हैं । आईये देखें सुश्री । गिरिजा जी अपने बारे में क्या बता रहीं है । .. जीवन के पाँच दशक पार करने के बाद भी खुद को पहली कक्षा में पाती हूँ । अनुभूतियों को आज तक सही अभिव्यक्ति न मिल पाने की व्यगृता है । दिमाग की बजाय दिल से सोचने व करने की आदत के कारण प्रायः हाशिये पर ही रहती आई हूँ । फिर भी अपनी सार्थकता की तलाश जारी है । BLOG..ये मेरा जहाँ

13 comments:

शालिनी कौशिक said...

अच्छा लगा गिरिजा जी से मिलना .बहुत कम लोग हैं आज जो दिमाग के बजे दिल को प्रमुखता दे आप के बारे में जानना और आपसे मिलना अच्छा लगा.राजीव जी का शुक्रिया..

Patali-The-Village said...

अच्छा लगा गिरिजा जी से मिलना| धन्यवाद|

mridula pradhan said...

girijajee se milwane ke liye dhanybad.

mridula pradhan said...

girijajee se milna bahut achcha laga.

चन्द्रकांत दीक्षित said...

अच्छा लगता है जब प्रोत्साहन मिलता है धन्यवाद

sandhya said...

Bahut achchha laga Girija ji se milkar.... Shukriya Rajeev ji..

गिरिजा कुलश्रेष्ठ said...

राजीव जी ,अपने आपको बाहर लाने के प्रयास में इतने लोगों से मिलने का सुखद अवसर मिलगया है इसके लिये आपका बहुत-बहुत धन्यवाद ।अपने सभी मिलने वालों को भी हार्दिक धन्यवाद ।

दर्शन कौर धनोए said...

Girja ji se milna aek nai anubhuti haae ---

G.N.SHAW said...

बहुत ही सुन्दर !धन्यवाद.. सर

G.N.SHAW said...

गुरूजी .. पढ़ें - बाबा को पुष्पांजलि ... ?

Anonymous said...

Could you write another post about this subject simply because this post was a bit difficult to comprehend?

Anonymous said...

agudo y constante de la fragilidad y delicadeza,

Anonymous said...

se burla del medico por su impotencia,

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...