23 February 2011

उलझनें जो खूबसूरत होती हैं । इन्द्रनील । P 15


भू वैज्ञानिक मगर कवि  ह्रदय इन्द्रनील जी जिंदगी को अलग और अपने ही अंदाज से देखते हैं । यही  वजह है । इन्द्रनील जी अपने कार्य में भी सौंदर्य की तलाश कर लेते हैं । अब अधिक मैं क्या कहूँ । जब वे स्वयँ ही सब कुछ खूबसूरती से बयाँ कर रहे हैं ।..हर पल यही उलझन है कि क्या करें ? फिरते रहे जिंदगी भर यूँ ही । उलझनों की अंधी गलियों में । पर कुछ उलझन ऐसी भी होती हैं । जो खूबसूरत होती हैं । और कभी जी करता है कि फिर ये उलझन । कभी न सुलझे । ( इसलिये ) अपनी कुछ कवितायें । कुछ ग़ज़ल । कुछ बात रख रहा हूँ । मेरी ज़िन्दगी के कुछ एहसासात रख रहा हूँ ।..मैं पेशे से भू वैज्ञानिक हूँ । प्रकृति के बहुतकरीब रहकर काम करते करते प्राकृतिक सौंदर्य से मुझे एक लगाव सा हो गया है । इंसानी फितरत । ज़माने के रंग ढंग । भावनाएं और ज़िन्दगी के खट्टे मीठे अनुभवों को मैं शब्दों में ढालने की कोशिश करते रहता हूँ । कभी ख़ुशी का इज़हार करता हूँ । तो कभी ग़म का इकरार करता हूँ । BLOG 1 जज़्बात ज़िन्दगी और मैं 2 INDRANIL'S

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