25 February 2011

जिन्दादिली का नाम सुशील बाकलीबाल P 17

जीवन की सभी समस्याओं से निवृत  स्वास्थय सुख के साथ । नाती पोतों का आनन्द लेते हुये । हर आधा घंटे पर बहू को चाय का आर्डर देकर ब्लागिंग रूपी । जिंदगी के रंग । में मस्त रहने वाले । और अतिशीघ्र अपने व्यवहार से हिन्दी ब्लाग जगत में लोकप्रिय श्री सुशील बाकलीबाल जी का ब्लागिंग करना । उनकी उम्र के तमाम लोगों के लिये प्रेरणा ही है । सुशील जी ने सीधे सरल शब्दों में पारदर्शिता से अपना परिचय देते हुये न सिर्फ़ बहुत जल्दी ही हम सबके दिल में अपनी जगह बना ली । बल्कि ब्लागिंग के उन रहस्यों को भी समझ लिया । जिन्हें ब्लागर बहुत श्रम के बाद समझ पाते हैं । ये उनके जीवन अनुभवों की परिपक्वता की जीती जागती मिसाल है । सुशील जी आने वाले समय में सेवानिवृत होकर बुङापे को सूनी और उमंग रहित जिन्दगी काटने वालों के लिये भी मिसाल होंगे । क्योंकि जीवन के प्रति इनका नजरिया उत्साहयुक्त है अक्षर जुड-जुड शब्द बनें । शब्द जुडें बनें वाक्य । वाक्य जुडें जब पंक्ति में । तो बन जाए पूरा पाठ । 
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